नई दिल्ली. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने देश में सूखे और स्वाइन फ्लू से पैदा हालात पर चिंता जताते हुए इनसे निपटने के सरकारी प्रयासों में समाज के हर नागरिक के सहयोग का आह्वान किया है। साथ ही उन्होंने कल्याणकारी फ्लैगशिप कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार के खिलाफ आगाह किया और कहा कि लोगों के जीवन में बदलाव के लिए जन सेवाओं में सुधार पर जोर देना जरूरी है।



राष्ट्रपति ने 63 वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में आतंकवाद को शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि समाज और दुनिया में अमन के लिए आतंकवाद को मिटा देना चाहिए।



राष्ट्रपति ने कहा कि देश के अधिकतर हिस्सों में कम बारिश के कारण सूखे और स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सरकार हरसंभव कोशिशें कर रही है। फिर भी इन प्रयासों और विकास प्रक्रिया में सहयोग के लिए हर नागरिक को सामने आना चाहिए।



राष्ट्रपति ने समावेशी विकास के लिए सरकारी कोशिशों का जिक्र करते हुए हाल ही में पारित मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिकार विधेयक को ऐतिहासिक कदम बताया। राष्ट्रीय महिला सशक्तीकरण मिशन के बारे में उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं सामाजिक और आर्थिक तौर पर मजबूत होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।


राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के कमजोर व गरीब लोगों को समृद्धि और विकास की प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल निर्माण के साधन सुलभ कराने से वे सक्षम बनेंगे तथा अपना भविष्य खुद बना सकेंगे

राष्ट्रपति के मुताबिक, विकास का लाभ हर देशवासी तक पहुंचाने के लिए शासन व्यवस्था को प्रभावी, सरल और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। साथ ही, सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जानी चाहिए। उन्होंने विकास के लिए सांप्रदायिक सद्भाव को भी जरूरी बताया। वैश्विक मंदी के सिलसिले में उन्होंने कहा कि देश को विकास की उच्च दर बनाए रखने की कोशिश करनी होगी।

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